साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल https://ronh431ltc9.is-blog.com/profile